रिक्तता और नवीनता
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मेरे प्रिय पाठक:भेंट नया कुछ तुम्हें करूँ
ऐसी कोई लेखनी लिखूँ;
जिस से
एक बार फ़िर हो उठे
तुम्हारा रोआं- रोआं रोमांचित
और मैं स्वंय भी हो उठूँ
पुनः हर्षित;
यही सोच कर उठाई थी कलम
The Gentle Voice (एक कोमल वाणी)My podcasts are vocal renditions, primarily of my prose and poetry. I may also include other pieces with due credit from time to time. Wednesday, May 16, 2007रिक्तता और नवीनता(25 downloads)
मेरे प्रिय पाठक:भेंट नया कुछ तुम्हें करूँ ऐसी कोई लेखनी लिखूँ; जिस से एक बार फ़िर हो उठे तुम्हारा रोआं- रोआं रोमांचित और मैं स्वंय भी हो उठूँ पुनः हर्षित; यही सोच कर उठाई थी कलम |
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